कोटा का प्यार | Hindi Love Story |
ये कहानी है "युवी " की ।
युवी आज से 5 साल पहले उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के एक छोटे से गांव से कोटा (राजस्थान )आया था । उसने यहाँ की कोचिंग क्लासेज के बारे मे बहुत सुना था इसिलए उसने अपने घर से कुछ दूर दिल्ली की जगह यहाँ की कोचिंग को चुना था।
युवी का सपना एक अच्छा डॉक्टर बनना था उसके पापा भी यही चाहते थे की वो डॉक्टर बने और लोगो की सेवा करे।
बस इसी सपने के साथ युवी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करने कोटा आ गया था।
जब पहले दिन युवी कोटा आ रहा था तो उसके पापा उसे यहाँ छोड़ने आये थे ।
आज कोटा से वापस जाने के 5 साल बाद युवी एक बार फिर अपनी यादे ताजा करने और ना जाने कितनी खुशियो को एक बार फिर से महसूस करने कोटा आ रहा था।।।
दिल्ली के निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से ट्रेन मे बैठने के बाद युवी कोटा मे गुजारे हुए 1साल के एक एक पल के बारे मे सोचने लग गया था ,कभी कभी खिड़की से बाहर की ओर देखता तो उसे ऐसा लगता मानो सारी यादे उसके साथ चल रही हो।
ट्रेन अपनी चाल से चले जा रही थी और युवी अपनी यादो मे खोया था अब ट्रेन आधे से ज़्यादा सफर तय कर चुकी थी।।
ट्रेन मे खाने का सामान बेचने वाले ट्रेन के एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे तक आवाज लगा कर अपना सामान बेच रहे थे तभी एक पेड़े वाले ने आवाज लगाई , पेड़े वाले की आवाज सुनकर युवी ने पेड़े लेने के लिए उसे अपने पास बुलाया और 20 रुपए के पेड़े ले लिए ।
पेड़े लेने के बाद युवी एक बार फिर यादो मे खो गया
उसे वो पहला दिन याद आ गया था जब पापा उसे छोडने उसके साथ ट्रेन मे आये थे और उसको पेड़े खरीद कर दिए थे
इन्ही पुरानी यादो मे खोये युवी को पता भी नही चला की कब सवाई माधोपुर आ गया । सवाई माधोपुर से कोटा लगभग 130 किलोमीटर दूर रह जाता है
माधोपुर आते ही युवी की उत्सुकता और बढ़ गयी।
कुछ एक डेढ़ घंटे बाद युवी को अपनी मंज़िल का बोर्ड दिखा ....
"""""कोटा जंक्शन"""" का बोर्ड
ट्रेन के कोटा जंक्शन पर पहुचते ही युवी ने सीट के ऊपर रखा अपना बैग उतरा और कंधो पर लटकाकर ट्रेन के दरवाजे पर आ गया,,ट्रेन के यहा पहुचते ही एक मुस्कुराहट खुद ही उसके चेहरे पर आ गई थी उसी को लिए युवी ट्रेन से उतर गया चूँकि अब रात के 8 बज चुके थे इसलिए युवी पास के ही एक होटल मे रात बिताने के लिए रूम बुक करने चला गया वहा उसे रूम मिल गया ,युवी अब तक 8 घंटे के सफ़र मे थक चुका था इसलिये खाना खा के सोने चला गया ।
सुबह उठकर नहाने के बाद युवी सीधा ऑटो से महावीर नगर 3rd पहुचा , ये वही जगह थी जहा उसने अपनी ज़िन्दगी का 1 कीमती साल बिताया था महावीर नगर कोटा का एक ऐसा मोहल्ला है जहा कोटा के लोकल लोगो से ज़्यादा यहा कोचिंग करने वाले बच्चे होते है
महावीर नगर पहुचकर सबसे पहले वो उस चाय की दुकान पर गया जहा वो हर रोज चाय पिया करता था
दुकान पर पहुचकर चाय वाले अंकल को नमस्ते करके चाय मांगी ।
चाय मे आज भी वही पहले वाला स्वाद था
चाय पीते पीते अचानक उसको हँसी आ गयी
उसको अपने दोस्त मुकुल की एक बात याद आ गई थी
जब वो और उसका दोस्त एक दिन इसी दुकान पर चाय पीने आये थे और उसने अपने दोस्त मुकुल की चाय मे पास के पोहे वाले अंकल से लेकर नमक डाल दिया था ।उस दिन के बाद मुकुल ने भी कई बार उससे ऐसे बदला लेना चाहा था लेकिन कभी सफल नही हुआ था
युही मुस्कुराते हुए युवी ने अपनी चाय खत्म की और चाय के पैसे देकर चल दिया उस दुनिया की ओर जिस दुनिया ने उसे डॉक्टर बनने मे मदद की थी वो दुनिया थी "एलेन" ।
एलेन को कोटा की सबसे अच्छी कोचिंग क्लासेज के लिए जाना जाता है
एलेन की ओर चलते चलते युवी फ्रेंड्स बाजार के पास आकर रुक गया , फ्रेंड्स बाजार यहा की एक ऐसी जगह है जहा सुबह से लेकर शाम तक लड़के लड़कियो की भीड़ रहती है सभी अपनी अपनी दुनिया मे खोये होते है कोई अपनी गर्लफ्रेंड/बॉयफ्रेंड तो कोई दोस्तों के साथ ज़िन्दगी के कुछ पल मजे से जी रहा होता है
यहाँ पहुचते ही एक ही पल मे युवी के दिमाग मे एक साथ बहुत सारी बाते घूमने लगी ।।
युवी कुछ सोचते हुए वही जूस सेण्टर पर एक कुर्सी पर बैठ गया और अपनी कुछ पुरानी यादो मे खो गया।।।
यही वो जगह थी जहा वो आखिरी बार #नित्या को मिला था ।।
हा नित्या ,,,एक लड़की जिसको युवी प्यार करता था सच्चा प्यार ।
नित्या भी यू. पी. के लखनऊ से यहाँ मेडिकल की कोचिंग के लिए आई थी
नित्या भी यही एलन मे पढ़ती थी लेकिन उसकी क्लासेज सुबह की होती थी और युवी की शाम की
युवी रोज अपनी क्लास के टाइम से 30-40 मिनट पहले फ्रेंड्स बाजार के उस कोने पर जाकर खड़ा हो जाता था और नित्या को लड़कियो की उस भीड़ मे देखता और खुश हो होता ।
वो रोज नित्या को देखता , लेकिन शायद नित्या ने कभी युवी को नही देखा था।
युवी को नित्या का नाम भी एक दिन तब पता चला था जब नित्या के साथ की एक लड़की ने उसको उसके नाम से पुकारा था ।
उस दिन युवी बहुत खुश हुआ था की चलो आज उसका नाम तो पता चला और
इसी ख़ुशी मे युवी ने अपने 3 दोस्तों को हाफ टाइम मे केंटीन के चाय समोसों की पार्टी भी दे दी थी
युवी का नित्या को रोज देखना युही जारी था
एक दिन संडे को युवी अपने दोस्त मुकुल के साथ सिटी मॉल घूमने गया था ।
सिटी मॉल भी फ्रेंड्स बाजार जैसा ही दूसरा पॉइंट है
वहा उसने देखा की मॉल के हॉल मे कोई छोटा सा गेम कॉम्पिटिशन चल रहा था
युवी भी अपने दोस्त मुकुल के साथ गेम देखने के लिए वहा जाकर खड़ा हो गया
अचानक से युवी की सांसे तेज हो गई जब उसने वहा नित्या को देखा
नित्या भी अपनी किसी दोस्तों के साथ मॉल घूमने आई थी लेकिन अब वो गेम मे पार्टिसिपेट कर रही थी
ये गेम 2 लोगो के बीच खेले जा रहे थे और हर गेम 2-2 राउंड का था
तभी गेम खिलाने वाले ने नित्या के अपोजिट खेलने के लिए किसी एक लड़के को आने के लिए कहा था
इतना सुनकर युवी खुद को रोक नही सका और हिम्मत करके नित्या के अपोजिट खेलने के लिए पहुच गया था
उसकी सांसे तेज हो रही थी तभी गेम खिलाने वाले ने उन दोनों के नाम पूछे और गेम के बारे मे समझाने लगा
गेम था "लिप रीडिंग "
इस गेम मे किसी एक को कुछ होठ हिलाकर कहना था तो दूसरे को उसकी कही हुई बात बतानी थी
पहली बारी नित्या की आई थी
उसने होठ हिलाकर धीरे से कुछ कहा लेकिन युवी को कुछ समझ नही आया था क्योंकि वो तो नित्या को ही देखे जा रहा था और उसी मे खोया था
नित्या की कही बात युवी से ना बताने की वजह से नित्या को 1 पॉइंट मिल गया था
अब युवी की बारी थी
युवी ने कहा -;"तेरी आखे"
लेकिन युवी की सांसे तेज होने और थोडा नर्वस होने की वजह से युवी थोडा सा तेज बोल गया और नित्या ने उसकी कही हुई बात "तेरी आँखे" थोडा समझकर बता दिया
इस तरह नित्या को एक और पॉइंट मिल गया
अब कुछ पूछने की बारी फिर से नित्या की थी
उसने धीरे से कहा " पागल"
लेकिन इस बार युवी समझ गया था और एकदम से जबाब दे दिया "पागल"
अब गेम 2-1 पर था और पूछने की बारी युवी की थी
इस बार युवी ने पूरी कोशिश करते हुए धीरे से होठ हिलाते हुए कहा था "I love you"
नित्या को युवी की पूछा गया वर्ड समझ तो आ गया था लेकिन उसने जबाब नही दिया और गेम बीच मे ही छोड कर अपनी दोस्त के साथ चली गई ।
इसपर युवी को अपने आप पर गुस्सा आने लगा था की तूने ये क्या पूछ लिया ।
लेकिन इस एक शब्द की वजह से आज वो एक लड़की के हाथो हारने से बच गया था ।
ये सब होने के बाद युवी भी अपने दोस्त मुकुल के साथ मॉल से बापस आपने कमरे पर आ गया था
.अगले दिन फिर जब युवी क्लास जा रहा था तो मन ही मन सोच रहा था की आज पता नही वो मिलेगी के नही मिली और मुझे देख लिया तो गुस्सा होगी या मेरे बारे मे क्या सोचेगी
रस्ते मे ही युवी यही सब सोच रहा था की अगर आज वो मिली तो कल की बात के लिए मैं उसे सॉरी बोल दूंगा
जैसे ही युवी अपने रोज नित्या को देखने वाली फ्रेंड्स बाजार की उस जगह पर पहुचा था उसे नित्या आती हुई दिखी
युवी एक दम से उसके पास पहुचा और हड़बड़ाते हुए बोला था
" I m really very sorry "
नित्या ने उसे देखा और हँसने लगी और बोली "कोई बात नही "
वैसे तुमने गेम जीतने के लिए सही ट्रिक का इस्तेमाल किया था ।
इतना सुनकर युवी खुश हुआ और बोला " मेरे से दोस्ती करोगी"
नित्या ने कुछ सेकंड सोचने के बाद "हा" मे सिर हिलाया था
उस दिन के बाद युवी और नित्या रोज यही आते जाते कुछ देर मिलते थे कभी कभी वो दोनों डाउट काउंटर पर भी साथ आ जाते थे , तो कभी संडे को मॉल और कभी फ्रेंड्स बाजार मे मिलते।
अब उनकी बढ़या दोस्ती हो गई थी
दोनों पढ़ने मे भी अच्छे थे और एक दूसरे की पढाई मे हेल्प भी करते थे ।
देखते ही देखते फरवरी आ गई ।
कोचिंग खत्म होने वाली थी ।
और वेलेंटाइन डे भी आने वाला था
एक दिन युवी ने नित्या को फ़ोन करके फ्रेंड्स बाजार के उसी कोने पर बुलाया जहा से आते जाते उसे देखता था
आज प्रपोज़ डे था
युवी के फ़ोन करने के कुछ देर बाद नित्या आ गई
उसके आने पर युवी और वो पास के ही एक कॉफी शॉप मे जाकर बैठ गए थे ।
कॉफी पीते पीते युवी ने उससे कहा था "आज मुझे तुमसे कुछ कहना है ,,नित्या , I love you"
इतना सुनकर नित्या ने कुछ नही कहा था और बिना कुछ कहे बापस आपने हॉस्टल चली गई थी
युवी भी अपने कमरे पर बापस आ गया था
कुछ देर बाद युवी का फ़ोन बजा ,,,,,, नित्या का फ़ोन था
युवी ने फ़ोन उठाया "हेल्लो"
उधर से नित्या की आवाज आई " प्लीज युवी मुझे गलत मत समझना , तुम एक अच्छे लड़के हो लेकिन मैंने तुम्हे अपना सिर्फ बेस्ट फ्रेण्ड माना है.यहाँ हम अपना कैरियर बनाने आये है ,हो सके तो मुझे भूल जाना"
इतना कहकर उसने फ़ोन काट दिया था ।।
।
।
इसी के साथ
युवी का वो यादो का सपना भी खत्म हो गया जो वो पिछले 20 मिनट से फ्रेंड बाजार के उसी जूस सेटर पर बैठकर खुली आँखों से देख रहा था
इन 15 -20 मिनट मे उसने नित्या के साथ की सभी यादो के पन्ने पलट लिए थे ।।।
उस दिन के बाद भी युवी ने 2-3 बार नित्या से बात करने की कोशिश की थी उसने नित्या को समझाने की कोशिश की कि हम दोनों अपना कैरियर साथ भी बना सकते है हम एक दूसरे की ताकत बन सकते है लेकिन नित्या को सिर्फ उसकी दोस्ती मंजूर थी प्यार नही
वही युवी भी यूपी का था जहा की एक खासियत है की चीज चाहिए तो पूरी चाहिए टुकड़ो मे नही
उस दिन के बाद वो दोनों फिर कभी नही मिले थे
युवी भी उसको भुलाने की कोशिश करते हुए पढ़ाई करने लगा था और सेलेक्ट हो कर कॉलेज चला गया था।।
इस यादो के सपने के खत्म होने के बाद युवी एलन की तरफ जाने लगा
एलन पहुच कर 2-3 पुराने सर मिले कुछ देर उनसे बाते करने बाद युवी बापस ऑटो से उस जगह को आखरी बार "बाय " करके अपने होटल आ गया
और शाम की ट्रेन से घर बापस जाने की प्लानिंग कर ली ।
।
।
।
युवी की ट्रेन रात 9 बजे से थी
शाम को वो स्टेशन पर आ गया
कुछ देर बाद उसकी ट्रेन भी आ गई
युवी आखरी बार कोटा को अलविदा करके अपनी ट्रेन मे चढ़ गया और उन यादो को भी यही छोड़ गया ।।।
अब युवी को कोटा से घूम के आये हुए 8-10दिन हो चुके थे उसका MBBS पूरा हो चुका था, घर मे उसकी शादी की बाते चल रही थी कई रिस्तेदार उसके लिए रिश्ते बता चुके थे ।
एक दिन उसके घर के पते पर उसके लिए डाक से एक लैटर आया वैसे अब डाक का जमाना नही रहा था अब तो मोबाइल फ़ोन आ चुके थे ।
युवी ने डाकिया से लैटर लिया और जैसे ही उसने लैटर पर भेजने वाले का नाम पढ़ा ,वो कुछ देर के लिए स्थिर हो गया
लैटर नित्या का था ।
युवी ने जल्दी से लैटर लिफाफे से निकाला और पढ़ने लगा
उसमे लिखा था - ::: "तुम्हारे सिलेक्शन के बारे मे सुनकर बहुत ख़ुशी हुई थी , जिस पते को मैंने पिछले 5 सालो से सभाल कर रखा आज उसपर लैटर लिखने की हिम्मत जुटा पायी हु ..शायद तुमने मुझे माफ़ न किया हो लेकिन मैं तुमसे एक बार मिलना चाहती हु ये मेरा मोबाइल नंबर लिखा है अगर मिलना चाहो तो सिर्फ एक कॉल कर देना"
लैटर पढ़कर युवी की आँखों मे थोड़ी नमी आ गई ,वो सोचने लगा की मजाक मे बताया हुआ मेरा एड्रेस उसको आज भी याद है ,यही सोचते हुए उसने अपने फ़ोन से नित्या का नंबर डायल कर दिया, 2-3 घंटियों के बाद फ़ोन उठा ,,, उधर से नित्या की ही आवाज थी उसकी आवाज इतने दिनों बाद सुनकर युवी कुछ सेकंड के लिए चुप सा हो गया ,,फिर बोला मैं युवी बोल रहा हु ,, नित्या भी उसकी आवाज सुनकर रोये से गले से बोली :- कैसे हो ??
"मैं ठीक हु" और तुम कैसी हो , युवी ने कहा
"मैं भी अच्छी हु" नित्या बोली
फिर कुछ और बाते करने के बाद युवी बोला :-कब मिलना है?
"अगर तुम्हारे पास टाइम हो तो इसी सन्डे को लखनऊ आ जाओ " नित्या ने कहा।
ओके मैं आऊंगा और इसी नंबर पर कॉल करूँगा
सन्डे के अभी 3 दिन बाकि थे लेकिन युवी खुश था , आखिर वो 5 साल बाद उससे मिलने वाला था।
3 दिन बीत गए आज सन्डे है युवी नित्या से मिलने लखनऊ जा रहा है
रास्ते मे युवी ने नित्या को कॉल करके मिलने की जगह के बारे मे पूछा
नित्या ने उसे अम्बेडकर पार्क मे आने को कहा और वक़्त भी बता दिया
शाम 5 बजे
युवी आधा घंटा पहले वहा पहुच गया
और नित्या को एक बार फिर कॉल किया
वो भी पहुचने ही वाली थी
कुछ देर बाद नित्या आ गई
उसको देखकर युवी देखता ही रह गया
उसमे 5 साल बाद भी कुछ नही बदला था और पहले से ज़्यादा खूबसूरत लगने लगी थी ।।
उसकी वही बड़ी बड़ी प्यारी सी आँखे , वही मुस्कान आज भी काफी थी युवी की धड़कने तेज करने के लिए
नित्या की खूबसूरती मे खोये युवी को उसने जगाया
दोनों वही पार्क मे घास पर बैठ गए
कुछ देर बाते करते करते नित्या ने पूछा:-"शादी की के नही "
युवी ने ना मे जवाब देकर उससे पूछा , "और तुमने??"
"नही " नित्या बोली
फिर कुछ देर दोनों चुप रहे
और कुछ देर की चुप्पी के बाद
नित्या बोली " शादी करोगे मुझसे??"
उसकी ये बात सुनकर युवी मन ही मन बहुत खुश हो उठा, मनो उसे कोई खजाना मिल गया हो ,, और बोला "हा ,किश्मत ने एक बार जुदा करके दोबारा मिलाया है इस बार नही जाने दूंगा "
"ओके, घर पहुच कर अपने मम्मी -पापा से मेरे मम्मी- पापा की बात करा देना तब तक मैं अपने घर सबको बता दूंगी " -नित्या ने कहा।
युवी ने भी कह दिया ठीक है
शाम के 6:30 बज गए
अब दोनों के वापस जाने का वक़्त हो गया था ।
युवी ने चलते चलते नित्या के माथे पर प्यार से एक किस कर दिया और बोला -" जल्दी आऊंगा और इस बार डोली मे लेकर ले जाऊंगा"
"मुझे इंतज़ार रहेगा" नित्या ने जवाब दिया।
और एक दूसरे को बाय करके चले आये ।।
युवी घर वापस आ गया .. अगले दिन उसने नित्या के बारे मे सब अपने घर बताया ,, घर वाले भी डॉक्टर बहु मिलने की ख़ुशी की वजह से मान गए।
उधर नित्या के घर वालो ने भी हा कर दी
दोनों की फैमिली की मर्जी से 5 साल पहले के प्यार को आने वाली 25 जून को अन्जाम देने का दिन तय हुआ ।।
25 जून 2016 को नित्या-युवी की शादी तय हो गयी।।
"""""""""""""THE END""""""""""""
Please comment your words if you liked this story 🙏🙏

Good brother, keep it up
जवाब देंहटाएंThnx 😊
हटाएंNilesh Mishra wali feel aa gyi ✨
जवाब देंहटाएंThnx dear 😊 Yess i listened his stories many he really inspired me ❣️
हटाएंAmazing
जवाब देंहटाएंThnqq ♥️
हटाएंBadhiya bhaiya .mere sath aisa to ni hua 😁😁😁 pr Kota ki yade 🥰🥰
जवाब देंहटाएंThnx bro ..
हटाएंReally nyc
जवाब देंहटाएंThnqq
हटाएंWaah sandar bawa ❤️
जवाब देंहटाएंShukriya dost❣️
हटाएंKya likhtey ho guru 💌
जवाब देंहटाएंShukriya dost ❣️
हटाएंBadhia likha h bhai
जवाब देंहटाएंThnqq
हटाएं👍👌👌
जवाब देंहटाएंWaah mere sher🔥🔥🔥
हटाएंThnxx bro
हटाएंBhut hi acha likha hai keep it up
जवाब देंहटाएंKeep it up bro👍👌👌
जवाब देंहटाएंThnxx
हटाएंOsm👌👌 #kota😍🥰
जवाब देंहटाएंThnqq mam❣️
हटाएंLga reh bhai...👍
जवाब देंहटाएंShukriya
हटाएं