गुरु पूर्णिमा शायरी 2020

 बेस्ट गुरु पूर्णिमा कविताएं 
Happy guru purnima

 1.   
कोरे कागज को किताब बनाता है
गुरु को ज़िन्दगी का हर हिसाब आता है

रंग बिरंगे फूलो से वो इस संसार को एक सुंदर बाग बनाता है
वही तो है जो तारो को भी रोशनी देकर खुद सूरज बनकर जगमगाता है

नटखट ,शैतान  बच्चो की लाख शैतानियां सहता है
फिर भी एक गुरु  धैर्यवान रहता है

ज्ञान की एक एक बूंद से सींचता है वो अपनी फसल 
तभी तो शिष्य कभी अर्जुन कभी राम बनकर परचम लहराता है

माँ-बाप तो जन्म देते है , गुरु ही इंसान बनाता है
सच ही तो है कोरे कागज को किताब बनाता है
गुरु को ज़िन्दगी का हर हिसाब आता है.
Guru Purnima shayri , guru purnima poetry

2.
उनके सिवा पूरा कोई सपना नहीं होता 
गैर होकर भी कोई यू अपना नहीं होता

ज्ञान सारा जो अपना तुम्हारे नाम करदे
कदमों में तुम्हारे वो तुम्हारा मुकाम करदे
समेट कर सारा अनुभव अपना जो दान करदे
जहान में ऐसा दूसरा कोई दानी नहीं होता

समस्याओं से लड़ना सीखा देते है वो 
एक नादान बच्चे को इंसान बना देते है वो
गुरु शब्द तो नाम से ही भारी है 
अगर बना को तो उनके जैसा कोई सानी नहीं होता

गुरु पूर्णिमा कविताएं , गुरु पूर्णिमा शायरी





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