New Poem Collection 2022


बेफिक्र रह तू 

ना किसी की बात का गिला कर 

बड़ी चालाक है ये दुनिया 

आशु तू हर शख्स से सोच कर मिला कर


लहरों से नही डूबती कश्तियां आजकल 

खुद के सुराख डूबा देते है  

दरख्तो पर टिकी है उम्मीदें तेरी 

तू दरिया किनारे जरा सोच कर चला कर


कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.