Best Love broken heart shayri


1. कलम जो मेरी चली तो मोहब्बत अपनी आम हो गयी

चंद सच्चे लफ्ज़ क्या लिख दिए के मेरी इबादत बदनाम हो गयी 


*.वो लौट आए तो

उसे मेरा नया घर जरूर दिखाना 

यारो मेरी कब्र थोड़ी आलीशान बनाना 

Best heart broken hindi shayri
Top heart broken shayri 


 * 

वो मुझसे बिछड़ा भी तो कितना बिछड़ेगा 

मैं उसमे जितना था वो बस उतना बिछड़ेगा

अपने बहते अश्कों को ना तराश आशु  

वो तेरे हर ज़र्रे में है तू उससे कितना बिछड़ेगा.



2. शाम भी खास है , वक़्त भी खास है2

मुझको एहसास है , तुझको भी एहसास है

इससे ज़्यादा और मुझे क्या चाहिए 

मैं तेरे पास हु , तू मेरे पास है


3. निगाह उठे तो सुबह हो , पलके झुके तो शाम हो जाये

अगर तू मुस्कुरा भर दे तो कत्ले आम हो जाये

ज़रूरत नही तुझे मेरी बाहो मे आने की

जो सपने मे भी आओ तो अपना काम हो जाये


4 .  इश्क़ के समंदर मे डूबा हु , बचा लो पतवार बनकर

शादियों से भटक रहा हु अपना बना लो बिछड़े यार बनकर

एक बार अपने घर का पता दे के देखो

हर रोज चले आएंगे अख़बार बनकर 


5. जब अकेले हो , मुझे अपनी तन्हाई मे ढूंढना 

कहि धूप मे हो, तो अपनी परछाई मे ढूंढना 


मिलूंगा वही , उसी मोड़ पर जहा छोड़ा था तुमने 

कभी दिल करे फिरसे एक होने का , बस दिल की गहराई मे ढूंढना


*  कभी हथेली कभी किस्मत की लकीरों मे ढूंढता हु तुझे 

कभी खुदा कभी उसके फकीरो मे ढूंढता हु तुझे 

तू मिल भी जा  किसी राह पर 

अक्सर गुजरते हुए राहगीरों मे ढूंढता हु तुझे 


6.एक हाथ मे तस्वीर तेरी ,दूसरे मे जाम लिए बैठा था

तेरी तस्वीर सारी कायनात का नशा कर गई और जाम यूही रखा रह गया।।


6.कुबूल कर मेरा सजदा एक और दफा 

मेरी नमाज में एक और मर्तबा दुआ बनकर आ जाना

मैं ईद का चांद तलाशने आऊंगा

तू भी अपनी छत पर बेपर्दा आ जाना 


7.जिसे अफसोस ना हो तुम्हे खोने का 

तुम भी मलाल मत करना उससे जुदा होने का 

जिंदगी में लोग आएंगे और जायेंगे 

तुम जज्बा रखना अकेले खड़े होने का


8. Har ek rishte de kuch lekh hunde aa 

Avai kive ajnabi ek hunde aa 

Juda ho jande ne oo vi jinne naal mildiya sariyan lakeera hattha di

Jado rishte ch bhulekh hunde aa


9. जमाने से किसको शिकायत थी

क्या वजूद था गैरो की नाराजगी का 

बुरा तो तब लगा मेरे वजूद को 

जब अपनो ने मेरे किरदार पर सवाल कर दिया 


10.हर इबादत से इनायते होती है

एक सजदे भर से गमों में रियायत होती है 

बंदा है तू बंदा बन कर रह खुदा ना बन 

मरने के बाद अक्सर सबको शिकायत होती है 


11.यू तो सूरज और चांद भी लड़ते है ,

हर रोज सुबह और रात के लिए 

उसको कौन समझाए मसले जिंदगी के 

जो रूठा है मुझसे जरा सी बात के लिए


12. मुझे कौम का मसला बताती रही वो 

रकीब से बेखौफ इश्क लड़ाती रही वो 

मैं बोतल में डुबाता रहा उसकी यादों को 

बेशर्म बार बार ख्वाब बन आती रही वो



13.  वो निगाहों से कत्ल करते रहे

हम बेशर्म भी धीरे धीरे मरते रहे

जान जब निकली तो आह तक ना की हमने 

आखिरी सांस तक बस दीदार करते रहे


 15. फ़क़त इतना राब्ता है अब उससे 

उसके और मेरे शहर का आसमां एक है


16. इश्क के अलग मायने लिखे जाने लगे है  

अब हर रोज टूटे दिल आने लगे है 

शायरी अब शौक ना रही, वजह बन गई 

ये नए लड़के लफ्जो में अपना दर्द छुपाने लगे है


17.ए हवाओ थोड़ा धीरे चलो , 

तूफानों से डर नही लगता 

बात ये है के कुछ मसले दफन है

इस शहर की रेत में 


18.रूठने का इरादा था मेरा 

उसने बिछड़ कर 

मेरे एक और इरादे को तबाह कर दिया


19.मेरी नजरो से गिरा वो और कितना गिरा सकता था 

मैं फिर भी मरा जितना मर सकता था 

इस्तेमाल किया उसने और छोड़ दिया 

पर अफसोस वो थोड़ा और कर सकता था 


20.तेरे लबों के सिवा किसी और से प्यार किसको है  

मदहोशी सी है कुछ तेरी आंखों में

होश में आने का इंतज़ार किसको है 

हकीकत से रूबरू हु मगर 

तू अगर सपनो में भी मिले तो इंकार किसको है 


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